Cough Hindi-खाँसी के प्रकार,लक्षण,कारण,उपचार


खाँसी/Cough Hindi

खाँसी के प्रकार | लक्षण | कारण | उपचार

खाँसी (Cough Hindi) मनुष्य में होने वाली एक आम बीमारी है। यह सभी मौसम में उत्पन्न हो सकती है। सर्दी के मौसम में यह सभी उम्र के व्यक्तियों को ज्यादा परेशान करती है। खाँसी से जितनी परेशानी बच्चों तथा बुजुर्गों को होती है उतनी ही परेशानी व्यस्को में भी देखी गई है। आम खाँसी मुख्यतः हमारे शरीर में मौजूद बाहरी पदार्थ जैसे सूक्ष्म जीव, तरल पदार्थ, बलगम इत्यादि को बाहर निकालने के लिए उत्पन्न होती है।

आम खाँसी 2 से 4 दिनों तक होकर ही खत्म हो जाती है। कभी कभी आम खाँसी में भी दवाइयां तथा घरेलू उपचार की जरूरत पड़ सकती है।

खाँसी अगर बच्चे व्यस्क तथा बुजुर्गो के शरीर में कुछ ज्यादा दिनों तक बनी रहे तो वह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। यह किसी अन्य बीमारी के साथ में भी प्रकट हो सकती है। जैसे यकृत विकार, कंठ नलिका का विकार, दमा, सर्दी, निमोनिया इत्यादि बिमारियों के साथ खाँसी प्राय: उपस्थित रहती है इसलिए खाँसी अगर ज्यादा दिनों तक परेशान करे तो आप अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क कर इसका इलाज जरूर करवाएं।

Cough/खाँसी के प्रकार : Types of Cough Hindi

खाँसी मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं।

सूखी खाँसी (Dry Cough)
तर खाँसी  (Wet Cough)

1 – सूखी खाँसी : Dry Cough Hindi

सूखी खाँसी में बलगम या कफ प्रायः सरलता पूर्वक हमारे छाती से बाहर नहीं निकल पाते या बहुत ही कष्ट पूर्वक वह हमारे छाती से निकल पाते हैं।

2 -तर खाँसी : Wet Cough Hindi

तर खाँसी में बलगम या कफ बहुत ही सरलता पूर्वक हमारे छाती से गले के द्वारा बाहर निकाल दिए जाते हैं तर खाँसी में बलगम या कफ का आकार बहुत ही ढीला होता है जिसके कारण वह आसानी से बाहर निकल जाते हैं।

खाँसी से हमारे शरीर में दिखने वाले लक्षण : Cough Symptom

खाँसी के कारण हमारे शरीर में बहुत सारे लक्षण दिखाई पड़ते हैं अगर आम खाँसी है तो अलग तरह के लक्षण हमारे शरीर में दिखाई देता है अगर वही किसी बीमारी के कारण उत्पन्न हुई खाँसी है तो उसमें अलग तरह के लक्षण हमारे शरीर में दिखाई पड़ते हैं। कुछ मुख्य लक्षणों का विवरण नीचे किया गया है।

  • सांस लेने में तकलीफ होना (shortness of Breath)

अगर खाँसी बलगम वाली है वह जटिल हो चुकी है और कफ हमारे पूरे फेफड़े को जकड़ चुका है तो उस हालत में सांस लेने में तकलीफ होने लगती है।

  • नाको से पानी गिरना (Runny Nose)

 ज्यादा दिनों तक खाँसी होने के बाद सर्दी की समस्या उत्पन्न हो जाती है जिसके कारण नाको से पानी गिरना शुरू हो जाता है।

  •  छाती में दर्द होना (Chest Pain)

 ज्यादा दिनों तक खाँसी होने के कारण छाती में दर्द होना शुरू हो जाता है जिसके कारण लोग ज्यादा परेशान हो जाते हैं।

  • वजन कम होना (Weight Loss)

कुछ बीमारियों के कारण ही खाँसी उत्पन्न होती है अगर उसका समय पर उपचार ना करवाया जाए सुबह काशी बहुत दिनों तक बनी रहती है जिसके कारण शरीर का वजन बहुत तेजी से कम होने लगता है।

  • बुखार लगना (Fever)

खाँसी के कारण बुखार भी उत्पन्न हो सकती है।

  • सांसों में घर-घर आहट होना (Wheezing Breath)

यह लक्षण सभी खाँसीयों में देखी गई है लेकिन बलगम वाली खाँसी में मुख्यता ज्यादा देखी गई है खाँसी जैसे-जैसे पुरानी होती है घर्रघर्राहट और भी तेज होता है।

  • गले में खराश होना (Sore Throat)

खाँसी मे गले में खराश भी एक महत्वपूर्ण लक्षण देखे जाते हैं।

  • रात को नींद ना आना रात को पसीना आना (Sleeplessness and Night Sweat)

खाँसी ज्यादा होने के कारण नींद आने की समस्या सामान्य मानी जाती है यह समस्या बच्चों में ज्यादा दिखती है पुरानी खाँसी के दौरान शरीर से पसीना निकलने की समस्या एक लक्षण के तौर पर देखा जाता है।

  • निगलने में तकलीफ होना (Difficult Swallowing) 

खाँसी ज्यादा दिनों से होने के कारण गले में दर्द उत्पन्न होता है जिसके कारण किसी भी पदार्थ को निकल पाना कष्टकारी होता है। यह पुरानी खाँसी में मुख्य लक्षण के तौर पर देखा जाता है।

खाँसी उत्पन्न होने का कारण : Cough Causes

  • गले में संक्रमण के कारण (Throat Infection)
  • बुखार के कारण ( Fever)
  • एलर्जी के कारण (Allergy)
  • फेफड़े में संक्रमण के कारण Lung Infection)
  • धूम्रपान के कारण (Smoking)
  • पलमोनरी एडिमा (Pulmonary edema) 
  • ब्रोंकाइटिस के कारण (Bronchitis)
  • निमोनिया के कारण (Pneumonia)
  • गैस्ट्रोएसोफागीयल रिफ्लक्स के कारण (GERD)
  • अस्थमा के कारण (Asthma)
  • फेफड़े में कैंसर के कारण (Cancer in lung)
  • टीवी के कारण (Tuberculosis)

खाँसी के प्रमुख उपचार : Cough Treatment

अगर आपको आम खाँसी है तो वह स्वतः ही कुछ दिनों के बाद ठीक हो जाती है लेकिन अगर वह ठीक नहीं हो पा रही है तो आपको उपचार की जरूरत पड़ सकती है। अगर आपकी खाँसी पुराने और गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी हैं तो उसके लिए आपको निर्धारित उपचार की जरूरत पड़ सकती है। इस अवस्था में पहले आप अपने बलगम की जांच करवाएं उसके बाद ही खाँसी के परंपरागत उपचार शुरू करवाए।

बहुत बार खाँसी किसी बीमारी के कारण उत्पन्न होती है उस स्थिति में उपचार आपके लिए बेहतर उपाय होगा।

खाँसी को संभवत तीन उपचार के द्वारा खत्म किया जा सकता है।

खाँसी के घरेलू उपचार
होम्योपैथिक उपचार खाँसी के लिए
एलोपैथिक उपचार

तीनों में से किसी भी उपचार को अपनाकर आप पुराने से पुराने खांसी को जड़ से खत्म कर सकते हैं।

Cough Hindi

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