इरेक्टाइल डिसफंक्शन की मुख्य होम्योपैथिक दवा-Homeopathic remedies for ed in Hindi


homeopathic remedies for ed-इरेक्टाइल डिसफंक्शन की प्रमुख होम्योपैथिक दवा

इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता का शीर्ष उपचार होम्योपैथिक चिकित्सा के द्वारा कैसे की जाती है। कौन-कौन से होम्योपैथिक दवाइयां हैं। जो इरेक्टाइल डिसफंक्शन को खत्म कर सकता है। homeopathic remedies for ed in Hindi

इरेक्टाइल डिसफंक्शन नपुंसकता एक ऐसी यौन संबंधित बीमारी है जिसके कारण कुछ व्यक्तियों को शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। वह तरह-तरह के उपाय करते हैं अपने इस यौन संबंधित बीमारी को ठीक करने के लिए।

होम्योपैथिक चिकित्सा क्या है ? : What is Homeopathic Treatment ?


मानव रोगों के उपचार के लिए उपलब्ध चिकित्सा प्रणालियों में होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणाली उत्तम माना जाता है। इसमें रोगों की पूरी तरह से उपचार का भरसक प्रयत्न किया जाता है।

होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणाली का जनक डॉ सैम्युअल हैनेमैन को माना जाता है। डॉ सैम्युअल हैनेमैन एक एलोपैथिक प्रेक्टिस करने वाले जर्मन डॉक्टर थे। जो एलोपैथिक चिकित्सा से खासा खुश नहीं थे क्योंकि एलोपैथिक चिकित्सा में सीधे बीमारियों की दवा दी जाती थी। उनके लक्षणों को छोड़ दिया जाता था। जिसके कारण वही बीमारियां दोबारा आने का खतरा बना हुआ रहता था। वह एक ऐसी चिकित्सा प्रणाली की खोज में  थे जो उनके लक्षणों को ठीक कर के बीमारी को जड़ से खत्म कर दे।

Homeopathic Treatment / होम्योपैथिक चिकित्सा को एक ऐसी प्रणाली मानी जाती है। जिससे बीमारियो को जड़ से खत्म कीया जा सकता हैं। होम्योपैथिक चिकित्सा में दवाइयां पोटेंसी के रूप में होती हैं। जिसे अल्कोहल के माध्यम के द्वारा उस पोटेंसी को बरकरार रखा जाता है।

होम्योपैथिक दवाइयां में अल्कोहल की मात्रा 90% से भी ज्यादा होती है इसलिए होम्योपैथी दवाइयों का इस्तेमाल उतनी ही मात्रा में करनी चाहिए जितनी मात्रा आपके डॉक्टरने आपको सलाह दी हो।  होम्योपैथिक की एक दवाइयां बहुत सारी बीमारियों में चलाई जाती हैं।  ऐसा इसलिए होता है क्योंकि होम्योपैथिक दवा किसी भी बीमारी का इलाज नहीं करता वह बीमारी के कारणों / causes  तथा उसके लक्षणों का इलाज करता है।

इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता की बीमारी भी बहुत सारे कारणों से उत्पन्न होती है उन्ही कारणो / causes को देखकर इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता में होम्योपैथिक की दवाइयां चलाई जाती है।

नपुंसकता / इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्या है? : What is Erectile Dysfunction?


इरेक्टाइल डिसफंक्शन से बहुत लोगों में तनाव की स्थिति बनी हुई होती है। इसके कारण बहुत सारे लोग डिप्रेशन में भी चले जाते हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन मुख्यत जब भी आप अपने साथी के साथ कामेच्छा की क्रिया शुरू करते हैं। तो

➧लिंग में तनाव नहीं आ पाता है। 

➧लिंग में तनाव आता तो है लेकिन पूरी तरह से नहीं आता है ।

➧ पेनिस में तनाव आता तो है लेकिन वह जल्दी खत्म हो जाता है।

इन्हीं प्रक्रिया को इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहा जाता है। मुख्यत यह उन लोगों में ज्यादा देखा गया है जो अक्सर तनाव में रहते हैं।

नपुंसकता के कारण लिंग शिथिल पड़ जाता है। उनमें इरेक्शन बहुत ही कम होते हैं या तो फिर खत्म हो जाते हैं।

इरेक्टाइल डिसफंक्शन यानी नपुंसकता एक ऐसी यौन संबंधित बीमारी है।  जिन्हें लोग दूसरों को बताने में शर्मिंदगी महसूस करते हैं। जिसके कारण बहुत सारे लोग गलत तरीकों को अपनाकर इस यौन संबंधित बीमारी को ठीक करना चाहते हैं। फलतः उनकी बीमारी ठीक होने के बजाय और बढ़ जाती है।

इरेक्टाइल यानी लिंग का सीधापन क्या है ? : What is Erectile ?


जब आप अपने साथी के साथ संबंध बनाना शुरु करते हैं। तो आपके दिमाग में एक तरह का उत्तेजना पैदा होता है। उसी उत्तेजना के कारण आपके लिंग में तनाव शुरू होती है। और उसी तनाव के कारण आपका लिंग सीधा होता है जिसे इरेक्टाइल यानी लिंग का सीधापन कहा जाता है। यह उन्हीं व्यक्तियों में देखा गया है। जो व्यक्ति बिल्कुल भी स्वस्थ रहते हैं। जिन व्यक्तियों के दिमाग में किसी भी तरह का डर , हिचकिचाहट , तनाव , असमंजस की स्थिति नहीं रहती है। उन व्यक्तियों में इरेक्टाइल यानी लिंग में तनाव बहुत ही बेहतर होते हैं।

मुख्यता लिंग में तनाव का कारण लिंग के रक्त नलिकाओं में रक्त का प्रवाह माना जाता है। अगर आपके लिंग के रक्त नलिकाओं में रक्त का प्रवाह बहुत बेहतर होगा तो आपके लिंग में तनाव उतनी ही अच्छी होगी। लिंग के रक्त नलिकाओं में जब रक्त का प्रवाह बढ़ता है। तो लिंग के रक्त नलिकाएं फैलती है। जिसके कारण लिंग में तनाव उत्पन्न होता है।

इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता किन कारणों से होता है और बढ़ता है? : Causes of Erectile dysfunction : 


इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता के बहुत कारण होते हैं। लेकिन इसमें से प्रमुख तीन है।

  1. शारीरिक कमजोरी / Physical weakness
  2. मानसिक कमजोरी / Mental weakness
  3. हारमोनल कमजोरी  / Hormonal weakness

1 – शारीरिक कमजोरी / Physical weakness :


शारीरिक कमजोरियां बहुत तरह की होती हैं। आम शारीरिक कमजोरी  / Normal Physical weakness और जटिल शारीरिक कमजोरी severe Physical weakness / शारीरिक कमजोरी के कारण मनुष्य में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या उतनी ज्यादा नहीं देखी गई हैं। लेकिन आपमें शारीरिक कमजोरी की समस्या जटिल है तो इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता विकसित हो सकती है।

उच्च रक्तचाप / High Blood Pressure : 

शारीरिक कमजोरी में हाई ब्लड प्रेशर को इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए एक प्रमुख कारण माना जाता है जिन व्यक्तियों को उच्च रक्तचाप की समस्या होती है उनमें इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या आम मानी जाती है।

कैंसर / Cancer : 

कैंसर प्रारंभ में कैंसर का पता लगा पाना बहुत मुश्किल होता है। जब तक आप की शारीरिक जांच नहीं हो पाती है कैंसर का पता लगा पाना बहुत ही मुश्किल होता है जिन व्यक्तियों में कैंसर की समस्या है। उन व्यक्तियों में भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता पाई गई है कैंसर के कारण रक्त नलिकाओं पर बुरा असर पड़ता है जो इरेक्शन बनाए रखने की प्रक्रिया के लिए जरूरी होती हैं।

धूम्रपान / Smoking :

जो व्यक्ति धूम्रपान के शौकीन होते हैं। उनमें भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या देखी गई है। नियमित तौर पर धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के अंदर निकोटिन की मात्रा ज्यादा हो जाती है। जिसके कारण उन रक्त नलिकाओं में अवरोध पैदा होता है। जो इरेक्शन रखने की प्रक्रिया के लिए जरूरी होती है । रक्त नलिकाओं में  रक्त का प्रवाह सामान्य रूप से नहीं हो पाता जिसके कारण रक्त नलिकाएं सिकुड़ते हैं और यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या देखी जाती है।

शराब की लत / Alcoholic : 

जो लोग लंबे समय से शराब की लत में हैं। उनमें नपुंसकता इरेक्टाइल डिसफंक्शन विकसित हो सकती है। अधिक मात्रा में अल्कोहल का सेवन करना आपके लिंग के रक्त नलिकाओं में अवरोध पैदा कर सकती है। अगर संभोग करते समय आपके खून में अल्कोहल की मात्रा नही भी होगी तब भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन /नपुंसकता देखी जा सकती है।

हाई कोलेस्ट्रॉल / High Cholesterol  :

हाई कोलेस्ट्रॉल भी एक मुख्य कारण है इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए। अगर आप नियमित रूप से एक्सरसाइज नहीं करते हैं तो आपमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ सकती है। बढ़ी हुई कोलेस्ट्रॉल की मात्रा आपमें  इरेक्टाइल डिसफंक्शन नपुंसकता को बढ़ा सकती है।

डायबिटीज / Diabetes : 

पहले डायबिटीज की समस्या व्यक्तियों में 40 वर्ष के बाद होती थी। लेकिन अब डायबिटीज की समस्या व्यक्तियों में 25 – 30 वर्षों में ही देखी जा रही है। किसी भी व्यक्ति में अगर डायबिटीज की समस्या है तो उसमें इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता की समस्या विकसित होती है।

मोटापा / obesity : 

मोटापे के कारण भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन बहुत हद तक देखा गया है। जो व्यक्ति हद से ज्यादा मोटे होते हैं। उनमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी अधिक पाई जाती है। जो रक्त नलिकाओं को प्रभावित करते हैं। जिसके कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन नपुंसकता बढता है।

मानसिक कमजोरी / Mental weakness


मानसिक कमजोरी अक्सर पूरे शरीर पर प्रभाव डालती है। मानसिक कमजोरी के कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता बहुत ज्यादा देखी गई है। मुख्यता इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण मानसिक कमजोरी को ही माना गया है। अक्सर लोग संबंध बनाते समय बहुत कुछ सोचना शुरु कर देते हैं। जिसके कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता विकसित होती है।

तनाव के कारण / Stress :

तनाव के कारण भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता की समस्या देखी जा सकती है। अगर कोई व्यक्ति तनाव या डर में रहता है। तो उस उस व्यक्ति का पूरा मानसिक ध्यान उस तनाव और डर पर केंद्रित हो जाता है और इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता विकसित होती है।

डिप्रेशन / Depression : 

डिप्रेशन एक मानसिक बीमारी है। जिसके कारण पूरा शरीर प्रभावित होता है।  डिप्रेशन बहुत कारणों से हो सकता है। जो व्यक्ति डिप्रेशन में होते हैं वह मानसिक तौर पर बहुत ज्यादा परेशान होते हैं। जिसके कारण रक्त नलिकाएं प्रभावित होती हैं और इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता का समस्या देखा जाता है।

Depression एक तरह का मानसिक कमजोरी है जिसके कारण पूरा शरीर प्रभावित होता है। अगर कोई व्यक्ति किसी भी कारण से डिप्रेशन में है तो उसमें इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता की समस्या देखी जा सकती है।

अनुवांशिक कमजोड़ी / Hormonal weakness


अनुवांशिक कमजोड़ी / Hormonal weakness भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन का मुख्य कारण माना गया है। इसमें मुख्यता टेस्टोस्टेरोन शामिल होते हैं। अगर आपमें टेस्टोस्टेरोन की संख्या कम पाई जाएगी तो आपमें इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता की समस्या आपमें देखी जा सकती है। टेस्टोस्टेरोन की संख्या कम होने के कारण बहुत सारे यौन संबंधित बीमारियां विकसित होती हैं। उनमें से एक है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन। टेस्टोस्टेरोन  की संख्या बढ़ाने के लिए इलाज मौजूद हैं। homeopathic remedies for ed in Hindi

प्रमुख्य होम्योपैथिक दवाएं इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए। homeopathic remedies for ed in Hindi


इरेक्टाइल डिसफंक्शन नपुंसकता बहुत कारणों से उत्पन्न होती है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारण कुछ लोग बहुत परेशान रहते हैं। और कुछ लोग तो इस यौन संबंधित बीमारी के कारण डिप्रेशन में चले जाते हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता एक ऐसी यौन संबंधित बीमारी है जिसके बारे में लोग बातें भी करना पसंद नही करते है।

नीचे कुछ होम्योपैथिक दवाइयों के बारे में बताया गया है जो इरेक्टाइल डिसफंक्शन में चलाया जाता है। इन दवाओं का इस्तेमाल बिना किसी डॉक्टर के सलाह के ना करें।


सिबाल सेरुलता Q / Sabal serrulata Q : 

कारण / causes :

अगर किसी व्यक्ति को फिजिकल विकनेस / Physical weakness  के कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या है। तो वहां पर सिवाल सेरुलाता Q का इस्तेमाल किया जाता है। फिजिकल विकनेस बहुत तरह की होती है। कुछ फिजिकल फिटनेस की व्याख्या ऊपर की गई है।

खुराक / Dosage :

Sebal serrulata Q (mother tincture) इसकी 5 बूंदे हल्के से पानी( 5 ml Normal water) में डालकर दिन में तीन बार लेनी चाहिए सुबह – दोपहर – शाम।

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कैलेडियम 200 / Caladium 200 : 

कारण / Causes : अत्याधिक हस्तमैथुन / excess of masturbation.

हस्तमैथुन की समस्या ज्यादातर किशोरावस्था में ही देखा गया है। किशोरावस्था में अत्यधिक हस्तमैथुन के कारण आगे चलकर उन लोगों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता की समस्या उत्पन्न होती है। इस स्थिति में कैलेडियम 200 का इस्तेमाल किया जाता है।

खुराक / Dosage :

कैलेडियम 200 / Cladium 200  के चार बूंदे तीन बार सुबह – दोपहर – शाम

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लाइकोपोडियम 200 / Lycopodium 200 : 

कारण / Causes :

ज्यादा उम्र में इच्छाशक्ति को का खत्म होना / loss of libido in old age.

उम्र बढ़ने के कारण सेक्स के प्रति इच्छाएं खत्म हो जाती हैं। यह भी एक कारण है इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता पैदा होता है। यह उन व्यक्तियों में भी देखा गया है। जो व्यक्ति व्यस्क हैं।

खुराक / Dogase :

लाइकोपोडियम 200 / Lycopodium 200 के 4 बूंदे 1 महीने में 3 बार / you take only 3 doses in a month. ( 10 दिनो के अंतराल पर )

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एगनस कास्ट Q / Agnus cast Q : 

कारण / causes :

कई वर्षों तक लगातार सेक्स करने के कारण लिंग में शिथिलता दिखना या इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता बढ़ना ।

बीमारी के बारे में सोचने पर इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता की समस्या और बढ़ना अगर इस कारण से किसी भी व्यक्ति में इरेक्टाइल डिसफंक्शन/नपुंसकता दिखती है तो एगनस कास्ट Q दिया जा सकता है।

खुराक / Dosage :

अग्नुस कास्ट Q / Agnus cast Q (mother tincture) इसकी 5 बूंदे हल्के से पानी( 5 ml Normal water) में डालकर दिन में तीन बार लेनी चाहिए सुबह – दोपहर – शाम।

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कारण / causes :

जिन लोगों में पाचन तंत्र के कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता की समस्या देखी जाती हो उनमें सेलेनियम 200 का उपयोग किया जाता है पाचन तंत्र के गड़बड़ी के कारण उनमें कॉन्स्टिपेशन / constipation , गैस्ट्राइटिस / gastritis , डिस्पेप्सिया / dyspepsia की समस्या दिखती है।

बुखार या किसी लंबी बीमारी के कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता होना।

संभोग की प्रबल इच्छा परंतु लिंग का खड़ा ना हो पाना।

 खुराक / Dosage :

सेलेनियम 200 चार बूंद दिन में तीन बार  सुबह – दोपहर – शाम

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मिश्रण :-

 डामियाना Q / Damiana Q + योहिंबीनम Q / Yohimbianam Q + अश्वगंधा Q / Ashwagandha Q

तीनों को समान मात्रा में अच्छी तरह से एक साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। तीनों का मिश्रण इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता के लिए बेहतर माना जाता है|

कारण / Causes :

अगर आपको किसी भी कारण से इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता की समस्या है तो आप इन तीनों के मिश्रण का इस्तेमाल अपने नपुंसकता को खत्म करने के लिए कर सकते हैं।

खुराक / Dosage :

तीनों दवाएं मदर टिंचर के रूप में उपलब्ध होती हैं तीनों दवाओं को एक समान मात्रा में मिला लें। उसके बाद मिली हुई मिश्रन से 10 बूंदो का इस्तेमाल दिन में तीन बार करें

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पेटेन्ट दवा :-

दामीअपलैंट / Damiaplant : 

कंपनी / Company : (Schwabe Germany )

Damiaplant एक पेटेंट दवा है जो एक कंपनी के द्वारा बनाया जाता है।

कारण / Causes :

अगर आपको किसी भी कारण से इरेक्टाइल डिसफंक्शन / नपुंसकता की समस्या है। तो आप दवा का इस्तमाल अपने नजदीकी होम्योपैथिक डॉक्टर से सलाह ले कर कर सकते हैं।

खुराक / Dosage : 

Damiaplant दवा का इस्तमाल आप दिन में  तीन बार चार बूंदे  सुबह – दोपहर – शाम

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Note : किसी भी दवा का इस्तमा अपने डॉक्टर के सलाह के बगैर न करें / First advice your Doctor and than take Medicine .

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One comment on “इरेक्टाइल डिसफंक्शन की मुख्य होम्योपैथिक दवा-Homeopathic remedies for ed in Hindi

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