मधुमेह/Diabetes in Hindi-लक्षण,कारण,सावधानियां,प्रकार

Diabetes in Hindi/मधुमेह

मधुमेह क्या है? | डायबिटीज के प्रकार |  लक्षण | कारण | सावधानियां | क्या करें | उपचार

हम लोग प्रतिदिन जो भोजन ग्रहण करते हैं उन सभी भोजन को हमारे आंतों के द्वारा पचाया जाता है और वह पचा हुआ भोजन तरल के रूप में हमारे लीवर में पहुंचता है। यकृत में पहुंचने के बाद उन सभी तरल पदार्थों को यकृत के द्वारा ग्लाइकोजन में परिवर्तित कर दिया जाता है उसके बाद ग्लाइकोजन (glycogen) का प्रवेश पोर्टल वेन (portal vein) में होता है जहां ग्लाइकोजन को इंसुलिन के द्वारा ग्लूकोस या शुगर (Diabetes in Hindi) में बदल दिया जाता है उसके बाद इस ग्लूकोज को रक्त के सहारे पूरे शरीर के कोशिकाओं तक पहुंचा दी जाती है जिससे हमारे पूरे शरीर को ऊर्जा मिलती है।

मधुमेह क्या है? : What is Diabetes in Hindi?


इंसुलिन एक हार्मोन है जिसका उत्पादन पैंक्रियास ग्रंथि के द्वारा सामान्य रूप से हमारे शरीर में होती हैं। अगर यह हार्मोन पैंक्रियास ग्रंथि के द्वारा हमारे शरीर में समान रूप से उत्पन्न ना हो पाए या इसका उत्पादन कम हो जाए तो इस परिस्थिति में डायबिटीज की समस्या हमारे शरीर में उत्पन्न होती है।

इंसुलिन का सामान्य रूप से हमारे शरीर में उत्पन्न ना होना डायबिटीज का मुख्य कारण माना जाता है क्योंकि इंसुलिन एक ऐसा हार्मोन है जो हमारे रक्त में शुगर की मात्रा सामान्य रखता है तथा शुगर को हमारे शरीर के सभी कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है। अगर पैंक्रियास ग्रंथि का काम करना बंद हो जाए या पैंक्रियास ग्रंथि पूरी तरह से खराब हो जाए तो वह इंसुलिन का उत्पादन कम हो जाता है या तो फिर इंसुलिन का उत्पादन बंद हो जाता है जिसके कारण हमारे शरीर के सभी कोशिकाओं तक शुगर की सही मात्रा नहीं पहुंच पाती है। परिणाम स्वरूप हमारा शरीर कमजोर पड़ना शुरू हो जाता है और हमारे रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है जिसके कारण व्यक्ति डायबिटीज जैसी बीमारी से ग्रसित हो जाता है।

 

आज के समय में सभी उम्र के व्यक्तियों में यह बीमारी को देखा जा सकता है कुछ ऐसे जांच भी सामने आए हैं जिसमें बच्चों में भी डायबिटीज की बीमारी देखी गई है।

शुगर/मधुमेह/डायबिटीज के प्रकार : Types of Diabetes.


मधुमेह के मुक्ता तीन प्रकार होते हैं।

टाइप 1 मधुमेह
टाइप 2 मधुमेह
जेस्टेशनल मधुमेह

टाइप 1 डायबिटीज/Type 1 Diabetes in Hindi


टाइप 1 डायबिटीज प्रतिरक्षा प्रणाली में होने वाली गड़बड़ी के कारण होने वाली बीमारी भी मानी जाती है। हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली जब पैंक्रियाज ग्रंथियों के कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है और उसे खत्म कर देती हैं तो पैंक्रियास ग्रंथियां इंसुलिन का निर्माण कम कर देते हैं या बंद कर देती हैं जिसके कारण टाइप 1 डायबिटीज की बीमारी उत्पन्न होती है। टाइप 1 डायबिटीज के समस्या आम तौर पर 30 वर्ष से कम उम्र के सभी व्यक्तियों में देखी जा सकती हैं। डायबिटीज का यह टाइप बच्चों में भी उतना ही देखा गया है जितना व्यस्क इस डायबिटीज से परेशान होते हैं। टाइप 1 डायबिटीज में पेनक्रियाज ग्रंथियां काम करना बंद कर देती हैं जिनके कारण इंसुलिन का निर्माण खत्म हो जाता है। जो व्यक्ति टाइप 1 डायबिटीज से ग्रसित है उन्हें रोजाना इंसुलिन का इंजेक्शन लेने की आवश्यकता पड़ती है।

Type 2 Diabetes/टाइप 2 डायबिटीज


टाइप 2 डायबिटीज की समस्या को मुख्य तौर से एक सामान्य डायबिटीज समस्या मानी जाती है। Type 2/टाइप 2 डायबिटीज की समस्या सभी उम्र के व्यक्तियों में हो सकती है लेकिन यह ज्यादातर अधिक उम्र के लोगों में तथा मध्यम उम्र के लोगों में देखी जाती है। (Type 2 Diabetes in Hindi) टाइप 2 डायबिटीज के समस्या में हमारा पैंक्रियास ग्रंथि इंसुलिन का उत्पादन कम कर देती है या हमारा शरीर इंसुलिन का इस्तेमाल ठीक से नहीं कर पाता है जिसके कारण टाइप 2 डायबिटीज की समस्या उत्पन्न होती है।

जेस्टेशनल मधुमेह


यह गर्भवती महिलाओं में एक समान मधुमेह के तौर पर देखा जाता है। लगभग 60% महिलाएं गर्भावस्था के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज से ग्रसित हो जाती है। कुछ गर्भवती महिलाओं में जेस्टेशनल डायबिटीज उत्पन्न होने के बाद टाइप 2 डायबिटीज की समस्या उत्पन्न हो जाती है, लेकिन बहुत सारी महिलाएं जब उनका गर्भावस्था खत्म होता है तो जेस्टेशनल डायबिटीज भी खत्म हो जाती है।

मधुमेह में दिखने वाले प्रमुख लक्षण : Symptoms of Diabetes in Hindi.


टाइप 1 डायबिटीज हो या टाइप 2 डायबिटीज या तो जेस्टेशनल डायबिटीज हो सभी तरह के डायबिटीज में एक सामान्य लक्षण देखे गए हैं। इन सभी लक्षणों को जानकर आप अनुभव कर सकते हैं कि आपको डायबिटीज की समस्या है या नहीं डायबिटीज में दिखने वाले कुछ मुख्य लक्षण नीचे दिए गए हैं।

 

  • बार बार पेशाब लगना या अधिक मात्रा में पेशाब होना
  • ज्यादा प्यास लगना
  • ज़ख्मों का जल्दी नहीं भरना
  • शरीर में पानी की कमी होना
  • कटने या छिलने पर जल्दी ठीक ना होना
  • शारीरिक थकान ज्यादा होना
  • ज्यादा भूख लगना मूत्र नली के मुख पर घाव उत्पन्न होना
  • गुप्त अंगों में खुजली एवं घाव का उत्पन्न होना
  • शरीर का वजन बढ़ना या कम होना
  • कटने छिलने पर बहुत जल्द संक्रमण होना
  • कभी-कभी धुंधला दिखाई देना
  • मूत्र में चीनी की अधिकता

 

मधुमेह/डायबिटीज होने का मुख्य कारण : causes of Diabetes in Hindi.


डायबिटीज होने का मुख्य कारण इंसुलिन नामक हार्मोन का सामान्य रूप से उत्पन्न ना होना माना जाता है। लेकिन इसके और भी बहुत कारण है जिससे आपमें डायबिटीज की बीमारी उत्पन्न हो सकती है।

  • जब हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी होती है और वह उल्टा प्रक्रिया शुरू कर देती है। जिसके कारण हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली पैंक्रियास ग्रंथि के कोशिकाओं को खत्म करना शुरू कर देती है जिसके कारण इंसुलिन का बनना बंद हो जाता है और डायबिटीज की बीमारी उत्पन्न होती है।
  • अनुवांशिकता : डायबिटीज होने का मुख्य कारण अनुवांशिकता को भी देखा गया है। अनुवांशिकता के कारण लगभग 30% ऐसे लोग हैं जिन्हें डायबिटीज की बीमारी होती है।
  • बहुत ज्यादा चिंता करना है या अध्ययन करना और मानसिक परिश्रम करना
  • शारीरिक परिश्रम या व्यायाम न करना
  • कुछ ऐसी बीमारी है जिसके कारण डायबिटीज की समस्या उत्पन्न हो सकती है जैसे वूपिंग कफ, श्वास कास, मिर्गी, गठिया, मलेरिया आदि।
  • क्लोरोफॉर्म सूंघने के बाद शरीर विषाक्त हो जाने से भी मधुमेह की बीमारी उत्पन्न हो सकती है।
  • मोटापा भी इसका एक कारण है अगर आप अत्यधिक मोटे हैं तो आप में डायबिटीज की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

 

डायबिटीज के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां : Precaution from Diabetes in Hindi


भोजन की सुव्यवस्था


  • जो व्यक्ति मधुमेह की समस्या से ग्रसित है उन्हें खाने पीने के विषय में अत्यंत सावधानी से काम लेना चाहिए और कुछ बंधे हुए नियमों का अत्यंत सावधानी पूर्वक पालन करना चाहिए। सिर्फ भोजन की सुव्यवस्था कर लेने से  पेशाब की मात्रा शुगर की मात्रा और प्यास इत्यादि घटकर रोगी धीरे-धीरे आरोग्य हो सकता है या बहुत दिनों तक अच्छी तरह से रह सकता है।
  • चावल आटा मैदा आलू बार्ली चीनी तथा मीठे से बने हुए सामान इत्यादि खाने से यकृत में शुगर तैयार होता है लिहाजा यह सब चीजें तथा जिन फल और साग सब्जियों में शुगर का अंश अधिक हो उनका खाना बिलकुल छोड़ देना चाहिए।

डॉक्टर से संपर्क करें


  • अगर उपरोक्त लक्षणों में कोई भी लक्षण आपके शरीर में दिखे तो आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें तथा शुगर की जांच जरूर करवाएं।
  • डायबिटीज रोगियों के लिए अपने डॉक्टर के आदेशानुसार प्रतिदिन औषधियों का इस्तेमाल करना चाहिए तथा जरूरत पड़ने पर इंसुलिन का इंजेक्शन भी लेना चाहिए।

कठिन परिश्रम


  • मधुमेह/डायबिटीज से ग्रसित रोगियों के लिए किसी तरह का कठिन परिश्रम, मानसिक चिंता और मानसिक परिश्रम करना अत्यंत नुकसानदेह हो सकता है।

धूम्रपान


  • अगर आप धूम्रपान के शिकार हैं और आप शराब पीने के आदी हैं तो आप इन सभी चीजों का सेवन बंद कर दें क्योंकि इससे डायबिटीज की समस्या और गंभीर हो सकती है।

पर्याप्त नींद/मोटापा


  • आप डायबिटीज का शिकार है तो आपको पर्याप्त नींद जरूर लेनी चाहिए रात में ज्यादा देर तक जागने की प्रवृत्ति को छोड़ दें अगर आपके शरीर को पर्याप्त नींद नहीं मिलेगी तो डायबिटीज की समस्या और गंभीर हो सकती है।
  • अगर आप मोटापे से ग्रसित है तो उस मोटापे को दूर करें ताकि आप डायबिटीज से बचे रहें।
  • छोटे बच्चों को अपनी मां का दूध जरूर पिलाएं उन्हें गाय के दूध का सेवन 6 महीने बाद ही करवाएं ताकि वह ऑटोइम्यून डिसऑर्डर (Autoimmune disorder) जैसे बीमारी से बचे रहें।

डायबिटीज में क्या करना चाहिए : 


मधुमेह/डायबिटीज से ग्रसित रोगियों के लिए एल्ब्यूमिन (albumin), वसा (fat) जाति के खाद्य जैसे_

  • मांस
  • अंडे
  • थोड़ी मात्रा में दूध
  • दूध की मलाई
  • मठा
  • दही
  • मक्खन इत्यादि

का ग्रहण हल्के मात्रा में करना चाहिए और शुद्ध पानी भरपूर मात्रा में पीनी चाहिए।

  • हरी साग सब्जी लौकी सेम गुल्लर मरकंद बैगन मूली मटर आदि सब्जियों का इस्तेमाल करना चाहिए फलों में आम, जामुन, नाशपाती, संतरे और महतारी, नींबू इत्यादि वह फल जो ज्यादा मीठे नहीं होते हो। वह सभी फलों का इस्तेमाल भरपूर मात्रा में करना चाहिए। ताकि उनके शरीर में तरल पदार्थों की कमी ना हो प्यास लगने पर पानी में नींबू का रस का इस्तेमाल करने से लाभ मिलता है।
  • डायबिटीज से ग्रसित रोगियों के लिए नित्य सुबह शाम घूमना, व्यायाम करना तथा योगा करना अति आवश्यक होता है।

 

मधुमेह डायबिटीज का उपचार : Treatment of Diabetes in Hindi.


डायबिटीज से ग्रसित रोगियों का उपचार संभव है। बशर्ते वह अपने जीवन शैली स्वस्थ आहार एवं दवाइयों का सेवन निरंतर रूप से करते रहे मधुमेह ग्रसित रोगी कई उपचार से अपने मधुमेह को सामान रख सकते हैं या तो उसे खत्म कर सकते हैं।

  • होम्योपैथिक उपचार
  • आयुर्वेदिक उपचार
  • अंग्रेजी उपचार
  • घरेलू उपचार

इन सभी में से किसी भी उपचार को अपनाकर आप अपने शुगर की समस्या को खत्म कर सकते हैं।

  • अगर डायबिटीज की किसी भी लक्षणों को आप अनुभव करते हैं तो पहले आपको रक्त शुगर की जांच कराना आवश्यक होता है ताकि यह पता चल सके कि आपके रक्त में कितनी मात्रा में शुगर की मौजूदगी है।
  • इंसुलिन की आवश्यकता टाइप वन डायबिटीज से ग्रसित रोगियों में पढ़ती है या डायबिटीज के समस्या जटिल होने पर भी इंसुलिन लेने की आवश्यकता पड़ती है।
  • अगर आपको जांच से पता चलता है कि आप मधुमेह से ग्रसित हैं तो आप अपने डॉक्टर के सलाह अनुसार दवाओं का इस्तेमाल जरूर करें टाइप वन डायबिटीज, टाइप 2 डायबिटीज या जस्टिस नल डायबिटीज इन सभी में अलग-अलग दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर के द्वारा किया जाता है।

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