दवाओं की Expiry Date जाने पूरी सचाई-Expiry date of medicine


क्या दवाइयां सच में Expire होती है?

सभी दवाओं की एक निर्धारित अवधि होती है। (expiry date of medicine) जिसे दवा निर्माता कंपनी के द्वारा उन दवाओं पर अंकित किया जाता है। अगर आप मानते हैं, कि दवाओं की एक समाप्ति तिथि होती है तो आप बिल्कुल सही हैं लेकिन जिस तरह से आप समझते हैं। उस तरह से दवाइयां एक्सपायर नहीं होती है।

1979 से पहले बहुत ऐसी कंपनियां थी जो दवाओं की समाप्ति तिथि उन दवाओं पर अंकित नहीं करती थी। या बहुत कम ऐसी कंपनियां थी जो दवाओं की समाप्ति तिथि दवाओं पर अंकित करती थी। लेकिन 1979 में U.S FDA ने एक ऐसा कानून बनाया। जिसके तहत सभी निर्माता कंपनियों को समाप्ति तिथि लिखना अनिवार्य हो गया जिन दवाओं को वह बनाती थी।

दवाओं की समाप्ति तिथि : Expiry date of medicine

दवाओं की समाप्ति तिथि (expiry date of medicine) का अर्थ सिर्फ इतना होता है, कि अगर किसी व्यक्ति के द्वारा उन दवाओं का इस्तेमाल समाप्ति तिथि से पहले की जाती है। तो निर्माता कंपनी उन दवाओं की असरदार होने का गरांटी लेता है पर बहुत सारी दवाइयां समाप्ति तिथि खत्म होने के बाद भी ठीक रहती है।

भारतीय निर्माता कंपनियों की बात की जाए। तो भारत में ज्यादातर टैबलेट्स (solid properties) की समाप्ति तिथि निर्माता कंपनियों के द्वारा 3 सालों तक निर्धारित की जाती है। इन दवाओं की स्थिरता जांच (stability test)  करने के दौरान इन दवाओं को अलग अलग तापमान और आद्रता के पैमानों पर जांच किया जाता है। जिससे इसकी समाप्ति तिथि का अनुमान लगाकर दवाओं पर एक निश्चित अवधि अंकित की जाती है। टेबलेट तथा सिरप की समाप्ति अवधि अलग अलग हो सकती है, क्योंकि दोनों के जांच करने का पैमाना अलग अलग होता है। जिसके कारण समाप्ति तिथि का अनुमान भी अलग अलग दिखता है।

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक कई ऐसी दवाइयां हैं। जो समाप्ति तिथि के 15 वर्षो के बाद भी वह दवाइयां ठीक पाई गई हैं।

इनके अनुसंधान के अनुसार सेना को दी जाने वाली दवाइयों की समाप्ति तिथि अलग होती है जिसके कारण सेना को बहुत जल्द दवाइयां बदलने की जरूरत नहीं पड़ती।

Expiry date of medicine

कुछ ऐसी दवाइयां भी हैं। जिनकी समाप्ति तिथि खत्म होने के बाद भी वह 15 सालों तक ठीक पाई गइ हैं। जब इन दवाओं की स्थिरता जांच होती है और इन दवाओं पर समाप्ति तिथि अंकित की जाती हैं तब उन्हें 1 साल की एक्सटेंड पीरियड (Extend period) पर रखा जाता है। इनमें से ज्यादातर दवाइयां 1 साल के बाद भी बिल्कुल पहले की तरह असरदार होती है।


नोट : यह पोस्ट केवल आपकी जानकारी के लिए है। किसी भी दवाओं को एक्सपायर होने के बाद उन दवाओं को ना खरीदें और ना ही इस्तेमाल करें।


आपको यह भी जानना चाहिए कि कुछ ऐसी दवाइयां हैं। जिनमें ओवरडोज (Overdose) की मात्रा मिलाई जाती हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि दवाओं के रखरखाव के कारण उनके ए पी आई (API) की मात्रा कम होती जाती है। कुछ ऐसी दवाइयां होती है जिन्हें अगर आप सही तापमान और सही आद्रता पर नहीं रखते हैं। तो उन दवाओं की एफीकेसी कम होने लगती हैं या दवाओं के  अनुसार कहें तो उनके एपीआई (API) में कमी होने लगती है। इन्हीं समस्याओं को खत्म करने के लिए उन दवाओं में कुछ अतिरिक्त मात्रा मिलाई जाती है। जिसके कारण उन दवाओं का असर समाप्ति तिथि तक बरकरार रहता है।

दवाओं को खरीदने के बाद कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखें

  • किसी भी दवाओं को खरीदने के बाद उसमें दी गई निर्देशो का पालन करें।
  • दवाओं में दी गई निर्देशानुसार या चिकित्सक परामर्श से ही इस्तेमाल करें। दवाओं अत्यधिक गर्मी और ठंड में दवाओं की स्थिरता (stability) असर पड़ता है।
  • अपने मर्जी के अनुसार दवाओं को रेफ्रिजरेटर में न रखें करें।
  • अगर दवाओं पर किसी भी तरह का निर्देश अंकित ना हो तो दवाइयों को सूर्य के किरणों से दूर रखें तथा ठंडे और सुखी वातावरण में रखें जिससे उसकी स्थिति बरकरार रहती है।

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