High Blood pressure in Hindi | उच्च रक्तचाप

उच्च रक्तचाप क्या है ? : what is hypertension / High Blood Pressure in Hindi

उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन/High Blood pressure in Hindi एक हृदय की बीमारी है। इसके बहुत ही घातक परिणाम हो सकते हैं। हाइपरटेंशन की स्थिति रक्त के दवाब में होने वाली वृद्धि के कारण होती है। शरीर के रक्त नलिकाओं में बहता हुआ रक्त उन रक्त कोशिकाओं की दीवारों पर दबाव डालता है। रक्त को पंप करने के क्रम में जैसे ह्रदय सिकुड़ता है रक्तचाप अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है इसे सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर कहते हैं। रक्तचाप अपने निम्नतम स्थिति पर तब होता है जब ह्रदय विराम की स्थिति में होता है उसे डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर कहते हैं।

यहां पर आप जानेंगे………

  • उच्च रक्तचाप क्या है ? : what is hypertension? / High Blood Pressure in Hindi.
  • समान्य रक्त चाप का नाप क्या है ? : What is the Normal Blood pressure measurement ? 
  •  उच्च रक्तचाप का नाप क्या है ? : What is the High Blood pressure measurement? 
  • किन व्यक्तियों में उच्च रक्तचाप की समस्या सामान व्यक्तियों की तुलना में अधिक प्रभावित होती हैं ? : In those individuals, the problem of hypertension is more affected than the Normal people.
  • उच्च रक्तचाप के क्या परिणाम हो सकते हैं? : What are the consequences of High Blood Pressure Hindi?
  • उच्च रक्तचाप से कैसे बचा जा सकता है ? : How can high blood pressure be avoided?

समान्य रक्त चाप का नाप क्या है ? What is the Normal Blood pressure measurement ? 

किसी भी स्वस्थ व्यक्ति का सामान्य रक्तचाप 120/80 मिली मीटर की सीमा में होना चाहिए। सामान्य से ऊपर या नीचे की कोई भी सीमा सुरक्षित नहीं मानी जाती है। सामान्य से ऊपर या नीचे की किसी भी स्थिति में रक्तचाप का ध्यान रखना अति आवश्यक हो जाता है।

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उच्च रक्त चाप का नाप क्या है ? What is the measurement of High Blood pressure in Hindi? 

यदि लगातार सिस्टोलिक या डायस्टोलिक दबाव 140/90 मिली मिटर की सीमाओं से ऊपर रहता है तो उसे उच्च रक्तचाप की स्थिति माना जाता है।

किन व्यक्तियों में उच्च रक्तचाप की समस्या सामान व्यक्तियों की तुलना में अधिक प्रभावित होती हैं? : Causes of High Blood pressure in Hindi.

अधिक उम्र बाले वयक्ति

45 वर्ष की आयु के ऊपर के पुरुष स्त्रियों के तुलना में उच्च रक्तचाप से ज्यादा प्रभावित होते हैं। बहुत सारे व्यक्तियों में उम्र के अनुसार उच्च रक्तचाप की समस्या बढ़ती रहती है ।

अधिक वजन बाले वयक्ति


जिन व्यक्तियों का वजन समान व्यक्तियों के तुलना में अधिक है उन व्यक्तियों का भी रक्तचाप समान व्यक्तियों के तुलना में अधिक देखा गया है। अधिक वजन वाले व्यक्तियों का हृदय उसके शरीर के वजन के अनुपात में अधिक मात्रा में रक्त को उनके पूरे शरीर में पंप करना पड़ता है। यह उनके हृदय के लिए ज्यादा काम करने की वजह बनता है। जिसके कारण ज्यादा वजन के व्यक्तियों का तनाव बढ़ता है और रक्तचाप की समस्या बनी रहती है।

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अनुवांसकी


ऐसे माता पिता के संतान जिनके माता-पिता या दोनों में से किसी को भी उच्च रक्तचाप की समस्या हो तो उनके संतानों में भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है।

बहार खाने बाले व्यक्तियों में


वैसे व्यक्ति जो बाहर के समान ज्यादा खाते हैं। जैसे प्रोसेस किया हुआ डब्बा बंद चीज, प्रोसेस किया हुआ मांस, डब्बा बंद सूप, खाने वाला नमक, आचार, टोमेटो केचप, सोया सॉस, चिली सॉस इत्यादि इन सभी का अधिक मात्रा में उपयोग करने वाले व्यक्ति, नमक में पाये जाने वाले सोडियम के कारण उनका शरीर अधिक मात्रा में द्रव्य यानी पानी को रोक लेता है। जिससे रक्त की उस मात्रा में वृद्धि हो जाती है। जिससे हृदय को अतिरिक्त मात्रा में रक्त को पंप करना पड़ता है और उनके ह्रदय का कार्यभार अतिरिक्त बढ़ जाता है। जिसके कारण रक्तचाप की समस्या शुरू हो जाती है।

महिलाएं जो गर्वनिरोधक गोलियां इस्तमाल करती हैं।


गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग करने वाली कुछ महिलाओं में भी उच्च रक्तचाप की समस्या देखी गई है।

धूम्रपान करनेवाले वयक्ति


जो व्यक्ति निरंतर तौर पर धूम्रपान करते हैं। उन व्यक्तियों में भी उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन की समस्या होती है। किसी भी धूम्रपान में निकोटीन की मात्रा पाई जाती है जो व्यक्ति धूम्रपान के शौकीन होते हैं निकोटीन उनके धमनियों को संकीर्ण बना देता है जिसके कारण रक्तचाप बढ़ जाता है।

उच्च रक्तचाप के क्या परिणाम हो सकते हैं? : What are the Symptoms of High Blood Pressure in Hindi?

धमनियों की  मोटाई बढ़ जाती है।


उच्च रक्तचाप के कई परिणाम होते हैं और उनमें से कोई भी सुखद नहीं होता। उच्च रक्तचाप के परिणामों में सर्वप्रथम धमनियों की मोटाई बढ़ जाती है तथा वह सख्त हो जाते हैं। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक स्थिति होती है क्योंकि सामान्यतः जब यह क्रिया एक बार प्रारंभ  होती है तो वह आगे ही बढ़ते रहती है।

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धमनियों को वापस अपनी पूर्व स्थिति में आने की कोई भी संभावना नहीं रहती है जैसे-जैसे धनिया अंदर से संक्रिन होती जाती हैं। वैसे-वैसे रक्त के सुगमतापूर्वक होने वाले प्रवाह में अवरोध आने लगता है और हृदय की मांसपेशियों पर काफी खींचा पड़ने लगता है तथा उन्हें अत्यधिक परिश्रम भी करना पड़ता है।

जिसके कारण मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं और वह मृत समान हो जाती हैं। जिसके कारण हृदय तथा मस्तिष्क की ऑक्सीजन की पूर्ति में कमी हो जाती है। जिसे चिकित्सा विज्ञान में ह्रदय धमनी काठिन्य coronary atherosclerosis के नाम से जाना जाता है। धमनियों के संकीर्ण तथा सख्त हो जाने का कोई भी पूर्व लक्षण दिखाई नहीं देता है।

ह्रदय की पेशियां काम करना बंद कर देती हैं तो हृदय पर दबाव बढ़ जाता है। क्योंकि हृदय को संकीर्ण धमनियों के कारण रक्त और ऑक्सीजन की कम हो गई आपूर्ति की क्षतिपूर्ति करनी पड़ती है। जिससे हृदय का काम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इससे हृदय की गति बंद भी हो सकती है। जिसे हार्ट अटैक कहते हैं।

फेफड़ों में रक्त का जमाव बढ़ जाता है।


हाइपरटेंशन के कारण रक्त जमाव से भी हृदय की गति बंद हो सकती है अगर हृदय की मांस पेशियों का अधिकांश भाग क्षतिग्रस्त हो जाए तो फेफड़ों में रक्त का जमाव बढ़ जाता है। क्योंकि संक्रिन धमनियों के कारण हृदय के द्वारा रक्त का बहाव सामान्य रूप से नहीं हो पाता। जिसके कारण फेफड़ों में रक्त का जमाव बढ़ने लगता है। संकीर्ण धमनियों के विपरीत हृदय को रक्त का बहाव करना पड़ता है। जिसके कारण हृदय असफल होकर बंद भी हो जाता है।

स्ट्रोक


हाइपरटेंशन के गंभीरतम परिणामों में से एक है स्ट्रोक जिससे मस्तिष्क क्षतिग्रस्त हो जाता है।उच्च रक्तचाप के कारण रक्त कोशिकाओं को ठीक से काम करने में कठिनाई होती है। मस्तिष्क को रक्त और ऑक्सीजन  की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति नहीं हो पाती है।

सामान्य दवाव की तुलना में अधिक दबाव से आने वाले रक्त के कारण धमनियों की नाजुक आंतरिक दीवार को चोट पहुंचती है और धमनियों के दीवारों पर आसाधारण मात्रा में प्लैक की परत जम जाती है। रक्त कोशिकाओं की लचीलापन भी खत्म हो जाता है। फलताः रोगी स्ट्रोक का शिकार हो जाता है जो कई बार घातक भी हो सकता है। स्ट्रोक या अघात के कारण व्यक्ति की सदैव मृत्यु नहीं होती है। परंतु जब एक बार व्यक्ति उसकी चपेट में आ जाता है तो चलने , सोचने , पढ़ने-लिखने या बोलने की उनकी योग्यता में कमी हो जाती है। यदि स्ट्रोक नहीं भी हो तो  लंबे समय तक मस्तिष्क को ऑक्सीजन की आपूर्ति में होने वाली कमी के कारण मनुष्य की बुद्धि एवं सही सोचने की शक्ति में अंतर पड़ता है। तथा याद करने की शक्ति में कमी हो जाती है।

फेफड़ों में रक्त जमा होना


उच्च रक्तचाप के कारण फेफड़ों में रक्त जमा होना शुरू हो जाता है। जिसके कारण रोगी का दम फूलता है और उसे खांसी उठती है।

गुर्दों की क्रिया भी धीमी


उच्च रक्तचाप के कारण गुर्दों की क्रिया भी धीमी जाती पड़ जाती है। जिसके कारण रक्त अधिक नमक एवं जल को जमा कर लेता है जिसके कारण रक्त पतला हो जाता है और उच्च रक्तचाप की समस्या बढ़ जाता है।

मनुष्य अंधा भी हो सकता है


हाइपरटेंशन के कारण मनुष्य अंधा भी हो सकता है या फिर उसकी दृष्टि छीन भी हो सकती है। क्योंकि हाइपरटेंशन के कारण आंखों के रेटिना की रक्त नलिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।

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शरीर एवं मस्तिष्क का दुर्वलता


शरीर एवं मस्तिष्क दोनों ही दुर्बल हो जाते हैं। मनुष्य भरपूर निद्रा के पश्चात भी थका थका महसूस करता रहता है।

उच्च रक्तचाप से कैसे बचा जा सकता है? How can be avoided High Blood Pressure in Hindi?

  • उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन को कम करने के लिए जो व्यक्ति धूम्रपान करते हैं।  उन व्यक्तियों को धूम्रपान छोड़ देना चाहिए। अगर समय रहते हुए धूम्रपान छोड़ देते हैं तो मुमकिन है कि रक्त नलिकाओं में पहुंचे नुकसान का क्षति पूर्ति हो सके।
  • खाने में नमक की मात्रा बिल्कुल भी कम कर देनी चाहिए।
  • प्रोसेस किए हुए भोजन की मात्रा या तो कम कर देनी चाहिए।  या बिल्कुल भी छोड़ देनी चाहिए।
  • सॉस, केचप का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर देनी चाहिए।
  • वैसे लोग जिनका वजन अधिक है। किसी भी तरह उन्हें अपना वजन कम करना चाहिए। यह कहना आसान है पर करना बहुत ही मुश्किल। शरीर का वजन कम करने के लिए आपको अपने भोजन पर नियंत्रण तथा लगातार व उचित व्यायाम एकमात्र सही विकल्प है।
  • हाइपरटेंशन को कम करने के लिए व्यक्ति को कुछ आराम भी करना चाहिए।  जो व्यक्ति रेगुलर काम करते हैं वह तनाव मुक्त रहें तनाव मुक्त रहने के लिए आप योगा का भी सहारा ले सकते हैं।
  • इन सबके बावजूद दवाओं से नहीं बचा जा सकता है। आजकल रक्तचाप को कम करने की कई शक्तिशाली दवाएं उपलब्ध हैं। हालांकि उनके कुछ ना कुछ प्रतिकूल प्रभाव भी होते हैं। इसीलिए दवाओं का इस्तेमाल करने से पहले आप अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

High Blood pressure in Hindi


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