Human Eye in Hindi -कैसे काम करती हैं आपकी आँखें

Human Eye in Hindi-कैसे काम करती हैं आपकी आँखें ?

संसार के प्रति हमारा सामान्य बोध आंख और उसके स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। आंखों द्वारा हम देखते हैं परंतु वास्तविकता यह है कि किसी भी वस्तु का प्रतिबिंब दृष्टि पटल पर पुतली के माध्यम से बनता है तथा वहां से इसकी जानकारी तंत्रिकाओं के माध्यम से मस्तिष्क को एक जटिल प्रक्रिया के सहारे दी जाती है। प्रकाश के किरणों का तंत्रिका में परिवर्तन तथा मस्तिष्क द्वारा उनकी व्याख्या एक ऐसी घटना है जिसे अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं समझा गया है। बाहर से आंखें पलकों और उनके बालों द्वारा सुरक्षित रहती है। भृकुटिया के रुकावट से पसीना आंख के अंदर नहीं जा पाता है।

आखो की महत्वपूर्ण भाग : Important Parts Of Eye to work Human Eye in Hindi


श्वेत पटल :


श्वेत पटल को अक्सर आंखों के सफेद हिस्से के रूप में जाना जाता है। यह मुख्यता सफेद टिसुओं से मिलकर बना हुआ होता है जो आईबॉल का एक प्रमुख हिस्सा होता है। यह मांसपेशियां श्वेत पटल से जुड़ी होती है जो आंखों के मुंभमेंट (Movement)में मदद करती हैं।

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नेत्रशलेषमा / conjunctiva  : 


कन्जनकटाइवा ( conjunctiva ) या नेत्रशलेषमा पलकों के अंदर की लाइनिंग है, तथा पुतली के ऊपर का सुरक्षात्मक भाग, कुछ और सुरक्षा उन ग्रंथियों द्वारा प्रदान की जाती है, जो किसी बाहरी पदार्थ से आंखों की सफाई के लिए तथा हानिकारक बैक्टीरिया को मारने के लिए आंसुओं को पैदा करती है।

  • आंसू आंखों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। आंसुओं के कारण आंखों में किसी भी तरह का संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
  • आंसु के कारण आंखों की सफाई होती रहती है।
  • आंसुओं के कारण आंखें मुलायम बनी हुई  रहते हैं। 
  • आंसू आंख के कोने में नाक के समीप एक निकासी प्रक्रिया के द्वारा गले में बहा दिया जाता है।

कॉर्निया / Cornea in Human Eye in Hindi :


आंखों की बाहरी परत का प्रदर्शित भाग कॉर्निया के नाम से जाना जाता है या आरिफ तथा पुतली को आवरण (cover) किए रहता है यह उस गोले का भाग है जो कि नेत्र गोलक के ऊपर की सतह को आवरण किए रहता है।

नेत्र गोलक की गति उसके आसपास के छोटी मांसपेशियों द्वारा नियंत्रित होती है। अश्रु ग्रंथि कॉर्निया को नम बनाने के लिए द्रव्य उत्पन्न करती है। नासा छिद्र में अश्रु नलिकाओं द्वारा एक नियंत्रण निकासी की प्रक्रिया चलती रहती है।

परितारिका  / आईरिस (Iris) और प्युपिल (Pupil)


आंखों के सामने की ओर एक रंगीन भाग आईरिस कहलाता है। इस आईरिस के केंद्र में प्युपिल होती हैं जिसके माध्यम से प्रकाश की किरणों गुजरती हैं। पुपिल के केंद्र का आकार आंखों में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा के अनुसार घटती और बढ़ती है।

लेंस ( Lens) और द्रिस्तिप्टल / Retina : 


आयरिश के पीछे लेंस होता है, जिससे रेटीना पर गिरने के पहले प्रकाश गुजरता है। रेटीना आंख के गोले के पीछे की आंतरिक सतह है जो सभी तंत्रिकाओ से जुड़ी हुई होती है। इसकी मोटाई 0.4 मिली मीटर की होती है। इसे अभिग्रही यानि Receptor कहा जाता है, जो प्रकाश की संवेदना को ग्रहण करता है। यहां प्रकाश की तरंगे तंत्रिकाओं की अंत: प्रेरणा में परिवर्तित हो जाती हैं जो कि बाद में विश्लेषण तथा अर्थ समझने के लिए मस्तिष्क को प्रकाशित की जाती है।

विट्रियस ह्यूमर / Vitreous Humor : 


आंखों के अंदर विट्रियस ह्यूमर या द्रव्य होता है, जो की आंशिक तौर पर नेत्र गोलक के आकार के लिए उत्तरदाई होते हैं।

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