Typhoid Fever in Hindi कारण लझण और इलाज,क्या खाएं और क्या नहीं


Typhoid Fever in Hindi/टाइफाइड बुखार

कारण | लझण | इलाज | क्या खाएं और क्या नहीं | पूछे जाने वाले सवाल।

टाइफाइड बुखार क्या है ? : What is Typhoid Fever in Hindi ?


टाइफाइड बुखार (Typhoid Fever in Hindi)बैक्टीरियल संक्रमण के द्वारा उत्पन्न एक बीमारी है। Typhoid Fever को मोतीझरा बुखार, मियादी बुखार, आंत्र ज्वर भी कहा जाता है। मियादी बुखार किसी जानवर के द्वारा नहीं फैलता और ना ही किसी कीड़े मकोड़े और मच्छर के काटने से फैलता है। यह संक्रमण मुख्यतः एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। टाइफाइड बुखार मुख्यतः संक्रमित व्यक्ति के मल के द्वारा फैलाई जाने वाली गंदगी के कारण दूसरे व्यक्तियों में पहुंचता है। यह संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य के लिए ज्यादा गंभीर खतरा है।

यह बुखार मुखयतः साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया से उत्पन्न होता है। बरसात के मौसम में टाइफाइड के मामले बढ़ जाते हैं इसका कारण यह है कि बरसात में पेयजल के संक्रमित व प्रदूषित होने की आशंकाएं काफी बढ़ जाती है। यह बैक्ट्रिया प्रदूषित पेयजल व खाद्य पदार्थों के सेवन से मनुष्यो तक पहुंचाता है। सालमोनेला टायफी बैक्टीरिया मुंह के द्वारा आंतों तक पहुंचता है आंतों में यह 1 से 3 सप्ताह तक अपनी संख्या को बढ़ाता है उसके बाद यह आंतों के दीवारों से होते हुए खून में चला जाता है। अगर इस संक्रमण का इलाज नहीं किया गया तो 25% मामलों में इस संक्रमण के कारण मौत हो जाती हैं। अगर समय रहते इसका उपचार किया गया तो 4% से 5% मामलों में इससे मौत देखी गई है।

टाइफाइड बुखार के कारण : Causes of Typhoid Fever in Hindi.


 यह बुखार मुख्यतः साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया से उत्पन्न होता है। यह जीवाणु मुख्यतः संक्रमित व्यक्ति के मल और मूत्र से फैला है। जब संक्रमित व्यक्ति मल त्यागने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह से नहीं धोता और उसके बाद वह किसी पेय जल या खाद्य पदार्थों को छूता है तो वह बैक्टीरिया उस पेयजल और खाद्य पदार्थ में प्रवेश कर जाती है जिसके कारण यह दूसरे व्यक्तियों तक पहुंचता है। अगर संक्रमित व्यक्ति नदी नाले या जल स्रोतों के पास मल या मूत्र त्याग करता है तो उस पानी में भी सालमोनेला टायफी बैक्टीरिया फैल जाती है। उस दूषित पानी को पीने या सब्जियों को धोने, उसमें पले हुए मछलियों को खाने, उससे भोजन बनाने में इस्तेमाल करने से भी यह बैक्टीरिया दूसरे व्यक्तियों में प्रवेश करती हैं।

संक्रमित व्यक्ति को  mouth kiss करने पर भी यह बैक्टीरिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जाती है।

मियादी बुखार के लक्षण : Symptoms of Typhoid Fever in Hindi.


  • बुखार शुरू में हल्का पर धीरे-धीरे तेज होते जाता है और 104 डिग्री फॉरेनहाइट से ऊपर ही बना रहता है।
  • भूख कम लगना और उल्टी आना
  • सिर दर्द और बदन दर्द
  • सूखी खांसी आना और पेट में दर्द
  • कब्जियत या दस्त होना
  • कभी-कभी शौच में खून का आना
  • रोग की गंभीर स्थिति में बेहोशी भी आ सकती है।
  • पुरे शरीर पर लाला दाने निकलना 

जटिलताएं

  • समय पर इलाज ना होने पर कुछ रोगियों की आंतों में खून का रिसाव होने लगता है।
  • आंतों में परफोर्रेशन (आंतों का फटना )
  • दिमागी बुखार मेनिनजाइटिस और निमोनिया के होने का खतरा

टाइफाइड बुखार का इलाज : Treatment of Typhoid Fever in Hindi. 


टाइफाइड का पता slide widal test या Typhidot test से लगता है। इन जांचों में रिजल्ट कभी-कभी फॉल्स पॉजिटिव या फॉल्स नेगेटिव भी हो सकता है। इसका मतलब है कि बीमारी ना होने पर भी यह टेस्ट कभी-कभी पॉजिटिव आ सकता है या बीमारी होने पर भी नेगेटिव हो सकता है इसलिए बीमारी का इलाज और टेस्ट डॉक्टर की सलाह से करवाएं।

मियादी बुखार के इलाज के लिए कई कारगर एंटीबायोटिक्स उपलब्ध है पर एंटीबायोटिक्स लेते समय इन बातों का ध्यान रखें।

  • डॉक्टर की सलाह के बगैर दवाएं न लें
  • डॉक्टर के परामर्श से ब्लड टेस्ट के बाद ही दवा शुरू करें।
  • एंटीबायोटिक को सही मात्रा और सही समय पर लें और दवा का पूरा कोर्स करें।
  • दवा को बीच में ना छोड़ें निर्धारित डोज में दबा ना लेना और उचित वक्त पर दवा ना लेना या बार-बार एंटीबायोटिक्स बदलने से यह रोग बैक्टीरिया रेसिस्टेंस हो सकता है ।
  • बुखार में पेरासिटामोल का इस्तेमाल करें
  • पानी और अन्य तरल पदार्थों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें।

मियादी बुखार से बचाव : Prevention from Typhoid Fever in Hindi.


  • साबुन और स्वच्छ पानी या बहते पानी में हाथों को अच्छी तरह से धोने से टाइफाइड समेत अनेक संक्रामक रोगों से बचा जा सकता है।
  • खाने से पहले और शौच के बाद हाथ जरूर साफ करें।
  • इसी तरह बाज़ार में रखे खुले और कटे हुए खाद्य पदार्थों और फलों को ना खाएं।
  • कच्चे सब्जियों को ना खाए सब्जियों को पूरी तरह पका कर ही खाएं।
  • टाइफाइड की बीमारी से बचाव के लिए टीका उपलब्ध है टीका हर 2 साल बाद दोबारा लगवाना पड़ता है।
  • मल मूत्र त्यागने की जगह पर स्नान या उस जगह की पानी कभी ना पिए।

टाइफाइड फीवर में क्या खाएं और क्या नहीं : what to eat and what not in typhoid fever in Hindi.


क्या खाएं : what to eat.


  • मियादी बुखार में तरल पदार्थों का उपयोग ज्यादा करनी चाहिए।
  • पानी अधिक मात्रा में पीएं।
  • फलों के जूस और सूप का इस्तेमाल करें
  • प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे अंडे पनीर मछली चिकन इत्यादि का इस्तेमाल करें।
  • कम फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करें जैसे मैदा सूजी दाल इत्यादि।

क्या नहीं खाना चाहिए : what to not eat.


  • तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन ना करें
  • अधिक फाइबर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन ना करें
  • लहसुन, प्याज, शिमला मिर्च, गोभी इत्यादि खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल ना करें

पूछे जाने वाले सवाल। 


Q – क्या टाइफाइड के दौरान अनाज खाना उचित नहीं होता है?

यह धारणा गलत है अनाज से हमारे शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिलती है दाल चावल फल सब्जी और रोटी खा सकते हैं।

Q – क्या बीमारी के दौरान नहाना ठीक नहीं है स्नान करना बुखार में जरूरी है?

इससे बुखार उतारने में मदद मिलती है और दूषित जीवाणु भी दूर होते हैं।

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3 comments on “Typhoid Fever in Hindi कारण लझण और इलाज,क्या खाएं और क्या नहीं

Thanks for sharing useful information!

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Sonu kumar

Mughe tified bukhar hai kaise thik hoga

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Onlyhealthyadvice

kitne dino se hai, kon si medicine le rahe hai or kon kon si medicine le chuke hai.
give me detail

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