Vitamin D deficiency Hindi फायदे और नुकशान

Vitamin D deficiency Hindi

फायदे | नुकशान | श्रोत | सवाल-जबाब

यहां पर आप जानेगें…….

  • विटामिन डी क्या है ? : What is Vitamin-D.
  • विटामिन डी के फायदे । : Benefit of Vitamin-D.
  • इसकी कमी से होने वाले नुकसान। : Loss of Vitamin D deficiency Hindi.
  • विटामिन डी के स्रोत। : Sources Of Vitamin-D.
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल ।

विटामिन डी क्या है ? : What is Vitamin-D.


विटामिंस दो तरह के होते हैं …

1 – पानी में घुलनशील (water soluble)
2 –  वसा में घुलनशील (fat soluble)

विटामिन D एक वसा में घुलनशील (fat soluble) विटामिन है। यह सभी तरह के जीवों में पाए जाने वाले विटामिन है। मनुष्यो में मुख्यता यह चर्बी (fat) में पाया जाता है। जिस व्यक्ति में चर्बी की मात्रा ज्यादा होती है उसमें विटामिन डी की मात्रा भी ज्यादा पाई जाती है।

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विटामिन डी के फायदे । : Benefit of Vitamin-D.


बच्चों के लिए भी विटामिन डी की मात्रा बहुत जरूरी होती है अगर विटामिन डी की मात्रा हमारे बच्चों  में कम होती है तो रिकेट्स जैसी भयानक बीमारियां  हमारे बच्चों को अपनी चपेट में ले सकते हैं। विटामिन D हमारे हड्डियों को मजबूत करती हैं और rickets जैसे भयावह बीमारियों से हमें दूर रखती है। 

विटामिन डी का मुख्य काम कैल्शियम और फास्फोरस को अवशोषित करना होता है। विटामिन डी कैल्शियम और फास्फोरस को अवशोषित कर हमारे हड्डियों तक पहुंचाता है और हमारी हड्डीयो को मजबुत रखता है। हमारे शरीर में विटामिन डी की मात्रा कम होगी तो कैल्शियम और फास्फोरस का अवशोषण भी कम हो जाएगा जिसके कारण हड्डियां कमजोर पड़ जाएंगी। इसीलिए विटामिन डी हमारे शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक विटामिन माना जाता है।

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विटामिन डी की कमी से होने वाले नुकसान। : Loss of Vitamin D deficiency Hindi.


अगर हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी होगी तो कैल्शियम और फास्फोरस का अवशोषण कम हो जाएगा। जिसके कारण हमारी हड्डियां कमजोर पड़ जाएंगे हड्डियों को कमजोर होने के कारण उनके टूटने का खतरा बढ़ जाएगा।

बच्चों में अगर विटामिन डी की कमी होती है। तो रिकेट्स जैसी भयानक बीमारी से बच्चों को जूझना पड़ेगा। विटामिन डी की कमी से होने वाली बीमारियों का लिस्ट तो बहुत लंबी है लेकिन विटामिन डी के कमी से मुख्यता हड्डियों की बीमारियां होती हैं। 

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हड्डियों का कमजोर होना : Vitamin D deficiency Hindi

अगर आपके शरीर में विटामिन डी की कमी होती है तो कैल्शियम और फास्फोरस का ऑब्जरवेशन कम हो जायेगा। जिसके कारण नई हड्डियों का बनना कम हो जाएगा और पुरानी हड्डियां जल्दी-जल्दी खत्म होना शुरू हो जाएँगी। जिसके कारण हमारी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। 

बच्चों में रिकेट्स जैसी बीमारियों का खतरा 

बच्चों में रिकेट्स एक बहुत ही घातक बीमारी है। रिकेट्स बीमारी हड्डियों में उत्पन्न होने वाली एक घातक बीमारी है।

इस बीमारी के कारण बच्चों की पैरों की हड्डियां टेढ़ी हो जाती है जो कभी ठीक नहीं हो पाती हैं। जिसके कारण बच्चों को चलने में बहुत ही ज्यादा परेशानी उत्पन्न होती है जो बड़े होने के बाद परेशानियां और ज्यादा बढ़ जाती हैं। 

जोड़ों में दर्द

विटामिन डी की कमी से व्यक्तियों में जोड़ों के दर्द भी देखे गए हैं।  क्योंकि अगर विटामिन डी की कमी होगी तो कैल्शियम और फास्फोरस का absorbtion हड्डियों में कम हो जाएगा। जिसके कारण हड्डियां कमजोर पड़ जाते हैं।  और हड्डियों का पूरा ढांचा आपके शरीर का पूरा भार संभाल नहीं पाती हैं ।  जिसके कारण जोड़ो में दर्द उत्पन्न होना शुरू हो जाता है। 

ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा 

अगर विटामिन डी की कमी होगी तो कैल्शियम और फास्फोरस का absorbtion हड्डियों में कम हो जाएगा जिसके कारण हड्डियां कमजोर पड़ जाते हैं। और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा शुरू हो जाता है। 

विटामिन डी के स्रोत। : Sources Of Vitamin-D.


विटामिन डी सभी विटामिनों में सबसे अलग बिटामिन माना जाता है क्योंकि एक मात्र विटामिन डी ही है। जो हमें सूर्य के किरणों से प्रत्यक्ष रुप से मिलती है बहुत सारे स्रोत हैं। जिससे हमें विटामिन डी की मात्रा प्राप्त हो सकती है। सूर्य की किरणें (sunlight) अगर आप 10 मिनट सुबह में सूर्य के किरणों में बैठते हैं तो वहां से जो विटामिन डी हमारे शरीर को प्राप्त होती है वह हमारे शरीर के लिए काफी होती है।
Vitamin -D  के मुख्या श्रोत।

  • अंडे का पीला भाग (egg yolk)
  • दूध  (milk)
  • दूध से बना हुआ कोई भी सामान  (paneer,cheese)
  • मछली  (fish)
  • मशरूम  (mushroom)
  • (synthetic Vitamin D3)  विटामिन डी के टैबलेट
  • विटामिन डी के सिरप 
  • सूर्य की किरणें (Sun Light)
  • पनीर (Paneer)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल ।


Q – क्या विटामिन ई के कैप्सूल रेगुलर इस्तेमाल किया जा सकता है ?

विटामिन डी के कैप्सूल synthetic source  है विटामिन डी का अगर आपको रेगुलर इस्तेमाल करना है तो आप Natural sources इस्तमाल करें  जिससे आपको भरपूर मात्रा में विटामिन डी मिलेगी।

Q – बच्चों में विटामिन डी की मात्रा कैसे पूरी की जानी चाहिए ?

बच्चों में विटामिन डी की मात्रा पूरी करने के बहुत सारे तरीके हैं जिसमें मुख्य है। 

  • सुबह की धूप में मालिश वाले तेल से बच्चों को 10 मिनट तक मालिश करना इससे बच्चों को विटामिन डी की भरपूर मात्रा मिल पाएगी। 
  • दूध के इस्तेमाल से भी बच्चों को विटामिन डी की मात्रा मिल जाती है। 

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